
ग्राम उमरपानी में एफएमडी टीकाकरण और टैगिंग अभियान सम्पन्न हुआ
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग द्वारा पशुधन स्वास्थ्य और संवर्धन को लेकर जिले में जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में ग्राम उमरपानी (उपकेंद्र लिंगा) में विशेष एफएमडी (खुरपका-मुँहपका रोग) टीकाकरण एवं टैगिंग अभियान चलाया गया। उप संचालक पशु पालन विभाग डॉ. सुनील कुमार बृजपुरिया ने गौशालाओं का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
ग्राम उमरपानी में आयोजित शिविर में उपकेंद्र लिंगा के प्रभारी एवीएफओ श्री दीपक कौरव के नेतृत्व में पशुओं का टीकाकरण और टैगिंग कार्य किया गया। इस अभियान में मोबाइल वेटरनरी यूनिट टीम की डॉ. सिमरन दुबे, प्रशांत कौरव और कौशल जाटव ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। क्षेत्र के गौसेवक श्री आदित्य राजपूत और श्री संदीप नौरिया ने भी इस कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्राम कोटवार ने घर-घर जाकर पशुपालकों को जागरूक किया और फील्ड टीम को सहयोग दिया।
पशुपालन विभाग नरसिंहपुर के उपसंचालक डॉ. सुनील कुमार बृजपुरिया ने ग्राम सगोरिया स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला प्रबंधन को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए कई आवश्यक निर्देश और सुझाव दिए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने, नस्ल सुधार, बधियाकरण, पौधरोपण और चारा उत्पादन का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर गौशाला संचालक नीरज दुबे एवं धनीराम विश्वकर्मा मौजूद थे।
भारत सरकार के राष्ट्रीय डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन के अंतर्गत वर्तमान में पशुपालकों के आधार अपडेशन का कार्य तेजी से जारी है। पूर्व में जिन गौ-वंशीय और भैंस-वंशीय पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है, अब उन पशुपालकों के आधार नंबर और आवश्यक जानकारियों को ‘भारत पशुधन ऐप’ पर फील्ड अधिकारियों (ए.व्ही.एफ.ओ) एवं गौसेवकों द्वारा अपडेट किया जा रहा है। आधार अपडेशन का यह कार्य बेहद महत्वपूर्ण और अनिवार्य है। आगामी समय में विभाग की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं, पशु चिकित्सा सुविधाओं और कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का लाभ लेने के लिए यह डेटाबेस अत्यंत आवश्यक होगा। इसलिए सभी पशुपालक इस कार्य में फील्ड स्टाफ का पूर्ण सहयोग करें। इसके साथ ही जिले में एफएमडी टीकाकरण का सातवां चरण भी प्रगति पर है। इस बार अभियान में विशेष पारदर्शिता बरतते हुए, पशु को वैक्सीन लगाने के बाद उसकी ऑनलाइन एंट्री ‘भारत पशुधन ऐप’ पर ओटीपी के माध्यम से की जा रही है। इससे न केवल कार्य की सही तरीके से मॉनिटरिंग हो रही है और शत-प्रतिशत पशुओं तक लाभ पहुंचना भी सुनिश्चित हो रहा है।





